आँखों में नमी,होठों पे हंसीं
क्या अदा है ये मुस्काने की
नजरें बिल्कुल झुकी हुई हैं
क्या अदा है ये शरमाने की
जल गई शमां हो गये फना
क्या फना है ये परवाने की
खो गये "अजय"इस महफिल में
क्या अदा है ये खो जाने की
आँखों में नमी,होठों पे हंसीं
क्या अदा है ये मुस्काने की
नजरें बिल्कुल झुकी हुई हैं
क्या अदा है ये शरमाने की
जल गई शमां हो गये फना
क्या फना है ये परवाने की
खो गये "अजय"इस महफिल में
क्या अदा है ये खो जाने की
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