प्यार के गीत तुम कभी गा ना सके
मेरी मैय्यत में रोने से क्या फायदा
इन नजरों की इनायत न हम पर हुई
अब आंसू बहाने से क्या फायदा
हम सदा के लिए छोड़ महफिल चले
अब हमको बुलाने से क्या फायदा
जो यादें तेरी आंखे नम करें
उन यादों को संजोने से क्या फायदा
जिस चेहरे का दीदार न पाए "अजय"
अब वो चेहरा दिखाने से क्या फायदा
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